अल्फ्रेड पार्क की आख़िरी सुबह
सुबह के पौने नौ बजे थे। इलाहाबाद की फरवरी की हवा अभी ठंडी थी। अल्फ्रेड पार्क के एक कोने में,…
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लाहौर के मोची दरवाज़े पर उस शाम हवा में लाठियों की गंध थी। तिरेसठ साल का एक आदमी मंच पर…
मीरा देशपांडे ने अपना नोटबुक बंद किया। जुलाई की दोपहर थी। चित्तौड़गढ़ के किले के अंदर हवा बिल्कुल नहीं चल…
भरी सभा में हुआ एक अपमान कभी-कभी पूरे देश का नक्शा बदल देता है। इतिहास में बहुत कम नाम ऐसे…
23 मार्च 1931 को फाँसी से पहले के आख़िरी घंटे भगत सिंह ने किताब पढ़ते हुए बिताए। ज़्यादातर लोग शायद…
झांसी की एक युवा रानी ने उस साम्राज्य को चुनौती दी, जिस पर कभी सूरज नहीं डूबता था। हम बात…
सबसे ज़्यादा पढ़ा-लिखा इंसान भी कभी-कभी सबसे बड़ी बेवकूफी कर बैठता है। यही बात सदियों पहले मुग़ल दरबार में उस…
भारत की आज़ादी की कहानी में एक नाम ऐसा है, जिसने पूरी ज़िंदगी दांव पर लगा दी — पर उसे…
सुंदरबन में, जहां समंदर की लहरें जंगल की खामोशी से टकराती हैं, ज़िंदगी हर दिन एक परीक्षा है। वहां, जहां…
1857 में एक चिंगारी ने अंग्रेज़ी हुकूमत के खिलाफ उत्तर भारत के बड़े हिस्से में आग लगा दी। वो कौन…