अकबर बीरबल की चतुराई की कहानी — सौ मोहरों की शर्त और वो वाक्य जिसका फ़ैसला नहीं हो सका
उस दिन दीवान-ए-ख़ास में सबसे ख़तरनाक चीज़ कोई तलवार नहीं थी। एक मख़मली थैली थी, जिसमें सौ सोने की मोहरें…
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उस दिन दीवान-ए-ख़ास में सबसे ख़तरनाक चीज़ कोई तलवार नहीं थी। एक मख़मली थैली थी, जिसमें सौ सोने की मोहरें…
कैलाश पर्वत के द्वार के पास एक छोटा सा हाथी का बच्चा हर शाम अकेला खड़ा रहता था। गणेश जी…
सुबह अभी पूरी तरह खुली भी नहीं थी कि यशोदा मैया ने फैसला कर लिया — आज मटकी ज़मीन पर…
जेठ की दोपहर थी। गाँव के बाहर वाले पुराने बरगद के नीचे एक पत्थर का हौज बना था, और उस…
बारिश होने से पहले का वो वक्त होता है ना — जब हवा थोड़ी ठंडी हो जाती है और आसमान…
समंदर की उस तह पर, जहाँ सूरज की रोशनी पानी में घुलकर हरी हो जाती थी, एक मछली रहती थी…
रिमझिम सबसे छोटा जुगनू था। इतना छोटा कि जब वो उड़ता, तो उसकी रोशनी ज़मीन तक भी मुश्किल से पहुँचती।…
जंगल में सबसे पुराना पेड़ था बरगद बाबा। उनकी जड़ें ज़मीन के नीचे इतनी दूर तक फैली थीं कि वो…
जंगल के उस कोने में कोई नहीं आता था जहाँ हरिया लकड़ी काटने जाता था। पेड़ वहाँ टेढ़े-मेढ़े थे, ज़मीन…
बच्चे दिनभर सवाल पूछते हैं। “यह क्यों होता है?”, “वो कैसे होता है?”, “यह कहाँ से आया?” और हम बड़े…