AI स्टार्टअप की कहानी: जब डेमो में चार सौ रुपये चार लाख बन गए
स्क्रीन पर जैसे ही लिखा आया — “रामप्रसाद जी पर बकाया: ₹4,00,000” — हॉल की तीसरी कतार में किसी ने…
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स्क्रीन पर जैसे ही लिखा आया — “रामप्रसाद जी पर बकाया: ₹4,00,000” — हॉल की तीसरी कतार में किसी ने…
कैलकुलेटर के ‘7’ वाले बटन ने उस रात तीसरी बार जवाब दे दिया। सुनीता ने उसे हथेली पर दो बार…
फ़ोन की वह घंटी अब भी उसके कानों में बजती है, हालाँकि रवि ने उसे आठ महीने पहले हमेशा के…
सुबह पौने छह बजे अनन्या की नींद टूटी तो कमरे में अंधेरा था, पर किचन से बर्तनों की हल्की आवाज़…
सुबह साढ़े चार बजे सास ने दरवाज़ा खटखटाया — “उठो बहू, सरगी का वक़्त निकला जा रहा है।” रिया आधी…
राजस्थान के खजूर के बागों के बीच एक हवेली थी। सौ साल पुरानी, खिड़कियाँ ईंट से बंद, दीवारें गहरे भूरे…
रविवार की सुबह आशीष के सामने एक पत्र रखा गया था। कागज़ पर कुछ नहीं लिखा था। बस एक लाइन:…
राहुल और नीता की शादी को आठ साल हो गए थे। शहर के एक ठीकठाक इलाके में एक दो-कमरे का…
सुबह के पौने आठ बजे थे जब हवलदार विक्रम ने डाक की उस थैली से भूरे रंग का एक छोटा…
अलमारी के सबसे ऊपर वाले खाने में वीवान को वो डिब्बा मिला, जो पिछले साल भी वहीं रखा था —…