नीरज चोपड़ा की कहानी: पानीपत के एक बच्चे से भाला फेंक के चैंपियन तक
ग्यारह साल की उम्र में नीरज का वज़न उसकी उम्र के हिसाब से काफ़ी ज़्यादा हो चुका था। स्कूल में…
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ग्यारह साल की उम्र में नीरज का वज़न उसकी उम्र के हिसाब से काफ़ी ज़्यादा हो चुका था। स्कूल में…
हरारे स्पोर्ट्स क्लब की गैलरी में उस शाम हवा ठंडी थी, लेकिन मैदान के बीचोंबीच एक 14 साल का लड़का…
गोरिया गांव का वो घर आज भी वैसा ही खड़ा है, हरियाणा की उसी धूल भरी हवा में, जहां चौदह…
जंगल की मिट्टी नम थी, और बारह साल की मीरा के कंधे पर लकड़ी का गट्ठर उसके अपने वज़न से…
19 सितंबर को जापान के आइची-नागोया में जब भारतीय दल मार्च करेगा, तो सबसे आगे झंडा उस हाथ में नहीं…
राष्ट्रपति भवन के उस कमरे में फूलों की खुशबू भर गई थी। सामने कुछ छात्र खड़े थे, हाथों में सजा…
बेजवाड़ा, 31 मार्च 1921। कांग्रेस अधिवेशन का मैदान लालटेनों की रोशनी में डूबा था, जब गांधी ने एक दुबले-पतले आदमी…
बत्तीस साल की उम्र में बोमन ईरानी के पास एक दुकान थी, एक घुटन थी, और एक सवाल जो उन्हें…
नवंबर 1965, गाँव जगराओं, ज़िला लुधियाना, पंजाब। रात के आठ बजे। चूल्हे पर तवा गरम था। हरनाम कौर ने आटे…
बम्बई, 1952। रेकॉर्डिंग स्टूडियो की सीढ़ियाँ उतरते हुए ज़ोहराबाई के हाथ में वही पुराना काला पर्स था जो उन्होंने 1944…