देर से खिलने वाले फूल की कहानी — बोमन ईरानी
बत्तीस साल की उम्र में बोमन ईरानी के पास एक दुकान थी, एक घुटन थी, और एक सवाल जो उन्हें…
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बत्तीस साल की उम्र में बोमन ईरानी के पास एक दुकान थी, एक घुटन थी, और एक सवाल जो उन्हें…
नवंबर 1965, गाँव जगराओं, ज़िला लुधियाना, पंजाब। रात के आठ बजे। चूल्हे पर तवा गरम था। हरनाम कौर ने आटे…
बम्बई, 1952। रेकॉर्डिंग स्टूडियो की सीढ़ियाँ उतरते हुए ज़ोहराबाई के हाथ में वही पुराना काला पर्स था जो उन्होंने 1944…
फ़िलाडेल्फ़िया में नवंबर की वो शाम बहुत ठंडी थी। मीरा अपने हॉस्टल के कमरे में बैठी थी, सामने खुली हुई…
सुबह साढ़े पाँच बजे वो अब भी उसी आदत से उठ जाता था। बरसों की आदत। उठते ही उसके कान…
मद्रास से उड़ान भरते वक़्त उसे लगा था कि अमेरिका गरम होगा। फ़िल्मों में तो हमेशा धूप रहती थी। किसी…
क्या आप सोच सकते हैं कि पढ़ाने जाना इतना खतरनाक हो कि हर रोज़ पत्थर और गोबर आपके ऊपर फेंके…
बाहर, व्हीलर द्वीप के ऊपर सूरज अभी पूरी तरह नहीं उगा था। अप्रैल की वो ओड़िशा वाली सुबह थी —…
फाल्गुनी नायर अपने केबिन में बैठी थीं — कोटक महिंद्रा कैपिटल की मैनेजिंग डायरेक्टर। उन्नीस साल इसी इमारत में बीते…
बैंगलोर के उस अस्पताल के बाहर, बरामदे में, वो आदमी बैठा था। चालीस के आसपास उम्र। चेहरे पर वो धूप…