2012 की एक शाम थी। मुंबई में बारिश रुक चुकी थी, पर बादल हटे नहीं थे।
फाल्गुनी नायर अपने केबिन में बैठी थीं — कोटक महिंद्रा कैपिटल की मैनेजिंग डायरेक्टर। उन्नीस साल इसी इमारत में बीते…
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फाल्गुनी नायर अपने केबिन में बैठी थीं — कोटक महिंद्रा कैपिटल की मैनेजिंग डायरेक्टर। उन्नीस साल इसी इमारत में बीते…
बैंगलोर के उस अस्पताल के बाहर, बरामदे में, वो आदमी बैठा था। चालीस के आसपास उम्र। चेहरे पर वो धूप…
एक पुराना मिट्टी का तेल वाला लैंप। काला पड़ चुका शीशा, जंग खाई हुई बत्ती घुमाने वाली चकरी, और नीचे…
सब-इंस्पेक्टर निर्मल सिंह को फोन उसी दुकानदार का था जिसे वो पिछले हफ़्ते से समझा रहे थे — गाड़ियाँ सड़क…
फियांग, लद्दाख। जनवरी 2013। ज़मीन इतनी ठंडी थी कि सोनम वांगचुक के जूतों के नीचे मिट्टी पत्थर की तरह लग…
क्या आपने कभी सोचा है कि ₹10,000 उधार लेकर कोई ₹6 लाख करोड़ की कंपनी खड़ी कर सकता है? और…
क्या आपने कभी सोचा है कि एक 17 साल का लड़का, जिसके पास न MBA की डिग्री है, न करोड़ों…
क्या आपने कभी सोचा है कि rejection — वो ठुकराया जाना — असल में किसी की सबसे बड़ी ताकत बन…
क्या आपने कभी सोचा है कि एक वनस्पति तेल बेचने वाली छोटी-सी कंपनी, एक दिन दुनिया की सबसे बड़ी IT…
क्या आपने कभी सोचा है कि एक ऐसा बच्चा जिसके घर में रोटी के लिए भी संघर्ष था… जो सुबह…