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Biography

एक रोटी जो लाल थी

नवंबर 1965, गाँव जगराओं, ज़िला लुधियाना, पंजाब। रात के आठ बजे। चूल्हे पर तवा गरम था। हरनाम कौर ने आटे…

19-July-2026 · 8 min

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देर से खिलने वाले फूल की कहानी — बोमन ईरानी
Biography

देर से खिलने वाले फूल की कहानी — बोमन ईरानी

बत्तीस साल की उम्र में बोमन ईरानी के पास एक दुकान थी, एक घुटन थी, और एक सवाल जो उन्हें रोज़ सुबह उठाता था — "बस इतना ही?" दुकान माँ की थी। नागपाड़ा की गली में, एक छोटी-सी जगह जहाँ वेफर्स और नमकीन की खुशबू हमेशा भरी रहती थी। जेरबानू ईरानी सुबह पाँच बजे उठकर सब तैयार कर देती थीं। बोमन काउंटर पर बैठते थे। बेचते थे। हिसाब लगाते थे। रात को थककर सोते थे। ज़िंदगी चल रही थी। बस चल ही रही थी। बचपन में स्कूल में एक शब्द था जो बोमन के लिए हमेशा लिखा जाता था —…

26-July-2026 6 min read
Biography

एक रोटी जो लाल थी

नवंबर 1965, गाँव जगराओं, ज़िला लुधियाना, पंजाब। रात के आठ बजे। चूल्हे पर तवा गरम था। हरनाम कौर…

19 Jul 2026 8 min
Biography

जब आवाज़ कमरे में रह गई, ज़माना बाहर निकल गया — ज़ोहराबाई अम्बालेवाली की कहानी

बम्बई, 1952। रेकॉर्डिंग स्टूडियो की सीढ़ियाँ उतरते हुए ज़ोहराबाई के हाथ में वही पुराना काला पर्स था जो…

14 Jun 2026 5 min

Inspirational

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Inspirational

एक शराबी का आखिरी दिन

सुबह छह बजे महेश की आँख खुली तो सबसे पहले उसके दाहिने हाथ ने काँपना शुरू किया। ये कोई नई बात नहीं थी। बीस साल…

14-June-2026 9 min read
Inspirational

रात के पौने ग्यारह बजे थे जब मीरा ने अलमारी से वो छोटा नीला बैग निकाला, जो किसी ज़माने में बेटी के स्कूल पिकनिक का बैग हुआ करता था।

बैग पर अब भी एक कार्टून मछली बनी थी, जिसका एक पंख धुलते-धुलते फीका पड़ गया था। मीरा कुछ देर उसे हाथ में पकड़े खड़ी…

06-June-2026 7 min read

Mythology

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बहादुर गौरैया की कहानी
Children

बहादुर गौरैया की कहानी

हौज के किनारे एक बड़ा काला कौआ बैठा था। उसका नाम था कालू। और कालू को पानी पीने का बड़ा अजीब तरीका था — वो खुद पीता था, पर किसी और को नहीं पीने देता था। जब छोटी-छोटी चिड़ियाँ आतीं, वो काँव-काँव करके उड़ा देता। जब बुलबुल आती, वो पंख फैलाकर डरा देता। जब तोता आता, कालू इतनी ज़ोर से चिल्लाता कि पत्ते हिल जाते। सारी चिड़ियाँ दूर बैठकर देखती रहतीं। प्यास लगी थी सबको। दोपहर की धूप तेज़ थी। पर हौज के पास जाने की हिम्मत किसी में नहीं थी। उसी पेड़ की एक पतली डाल पर बैठी थी…

19-July-2026 3 min read
Children

जादुई छाता की कहानी

बारिश होने से पहले का वो वक्त होता है ना — जब हवा थोड़ी ठंडी हो जाती है…

05 Jul 2026 4 min
History

अहिल्या की रात

12 मई, 1767 की दोपहर थी। महेश्वर के राजमहल के पीछे, नर्मदा के किनारे, एक चिता तैयार हो रही थी। लकड़ियाँ सूखी थीं। चंदन का…

01-June-2026 7 min read

Lifestyle

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बर्नआउट की कहानी — वो मंगलवार जब लैपटॉप नहीं खुला
Lifestyle

बर्नआउट की कहानी — वो मंगलवार जब लैपटॉप नहीं खुला

लैपटॉप की स्क्रीन नीली चमक रही थी, लेकिन अर्जुन की उंगलियां कीबोर्ड से दस मिनट पहले ही रुक चुकी थीं। ईमेल खुला हुआ था — "Re: Re: Re: Client Deck — URGENT" — कर्सर एक खाली लाइन पर टिमटिमा रहा था, और अर्जुन बस देख रहा था। न सोच रहा था, न टाइप कर रहा था। सिर्फ देख रहा था, जैसे स्क्रीन किसी और की हो। यह कोई नाटकीय पल नहीं था। कोई आंसू नहीं, कोई चीख नहीं। बस एक मंगलवार, सुबह 11:20, और उसका शरीर अचानक एक फैसला सुना रहा था जिसे उसके दिमाग ने अभी तक स्वीकार नहीं…

13-July-2026 4 min read
Inspirational

अरुणिमा सिन्हा की कहानी: जिंदगी की रेस में हारना नहीं, जीतना है!

“क्या आपने कभी महसूस किया है कि आपकी ज़िंदगी एक रेस है? एक ऐसी रेस, जिसमें हर कदम पर चुनौतियाँ और मुश्किलें आपका रास्ता रोकती…

03-September-2025 9 min read
Biography

छत्रपति शिवाजी महाराज: एक ऐसे नायक की कहानी, जिसने मुगलों के सामने भी नहीं झुकाया सिर

एक शाम, महाराष्ट्र के सह्याद्रि पहाड़ों की गोद में बसे एक छोटे से गाँव में, दादाजी कोंडदेव अपने पोते के साथ बैठे थे। सूरज ढल…

01-September-2025 11 min read

Fictional

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Friendship

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Within the Darkness – The Story of Gandhari
Friendship

Within the Darkness – The Story of Gandhari

अठारहवें दिन की शाम को, जब युद्ध समाप्त हो चुका था, गांधारी ने पहली बार अपनी आँखों की पट्टी खोली। एकतीस वर्ष। एकतीस वर्ष से उसकी आँखें इस पट्टी के पीछे बंद थीं। पट्टी जिसे उसने गांधार में अपने विवाह की रात, अपने हाथों से बाँधा था। रेशमी कपड़े की वो पट्टी — जो प्रेम थी, जो प्रतिज्ञा थी, जो उसने सोचा था कि पुण्य है। रोशनी आँखों में चुभी। जैसे किसी ने लोहे की सुई चुभो दी हो। और फिर उसने देखा। कुरुक्षेत्र का वो मैदान जो अब कब्रिस्तान था। दुर्योधन — उसका पहलौठा बेटा — जमीन पर पड़ा…

14-June-2026 7 min read