अल्फ्रेड पार्क की आख़िरी सुबह
सुबह के पौने नौ बजे थे। इलाहाबाद की फरवरी की हवा अभी ठंडी थी। अल्फ्रेड पार्क के एक कोने में,…
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सुबह के पौने नौ बजे थे। इलाहाबाद की फरवरी की हवा अभी ठंडी थी। अल्फ्रेड पार्क के एक कोने में,…
लाहौर के मोची दरवाज़े पर उस शाम हवा में लाठियों की गंध थी। तिरेसठ साल का एक आदमी मंच पर…
मीरा देशपांडे ने अपना नोटबुक बंद किया। जुलाई की दोपहर थी। चित्तौड़गढ़ के किले के अंदर हवा बिल्कुल नहीं चल…
क्या आपने कभी सोचा है कि एक अपमान… एक पल का तिरस्कार… किसी इंसान को इतना ताकतवर बना सकता है…
क्या आपने कभी सोचा है कि फाँसी से कुछ घंटे पहले एक इंसान क्या सोचता है? ज़्यादातर लोग शायद रोते…
क्या आपने कभी सोचा है कि एक 23 साल की युवती ने उस साम्राज्य को चुनौती दी जिस पर कभी…
क्या आपने कभी सोचा है कि जो इंसान सबसे ज़्यादा पढ़ा-लिखा हो, वही कभी-कभी सबसे बड़ी बेवकूफी कर बैठता है?…
क्या आपने कभी सोचा है कि भारत की आज़ादी की कहानी में एक ऐसा नाम भी है, जिसने अपनी पूरी…
क्या आपने कभी सोचा है कि जब समंदर की लहरें और जंगल की खामोशी आपस में टकराती हैं, तो वहां…
क्या आपने कभी सोचा है कि वो कौन सी पहली चिंगारी थी, जिसने सैकड़ों सालों की गुलामी की बेड़ियों को…