बर्नआउट की कहानी — वो मंगलवार जब लैपटॉप नहीं खुला
लैपटॉप की स्क्रीन नीली चमक रही थी, लेकिन अर्जुन की उंगलियां कीबोर्ड से दस मिनट पहले ही रुक चुकी थीं।…
No stories found. Try different keywords.
Category
लैपटॉप की स्क्रीन नीली चमक रही थी, लेकिन अर्जुन की उंगलियां कीबोर्ड से दस मिनट पहले ही रुक चुकी थीं।…
रजीव मल्होत्रा ने क्लासरूम के दरवाज़े की कुंडी पर हाथ रखा, और फिर हाथ वापस खींच लिया। अंदर से तीस…
सुबह साढ़े पाँच बजे नैना की आँख खुली, इससे पहले कि रोहन रोए। यही उसका नया अलार्म था — डर,…
फोन की घंटी बजी तो अनन्या को याद ही नहीं आया कि आखिरी बार ये आवाज़ कब सुनी थी। रविवार…
बैग पर अब भी एक कार्टून मछली बनी थी, जिसका एक पंख धुलते-धुलते फीका पड़ गया था। मीरा कुछ देर…
एक जुलाई की सुबह, जब सातवीं बी के बच्चे अपनी नई क्लास में घुस रहे थे, हरिप्रसाद शर्मा भोपाल के…
रविवार की दोपहर थी। बाहर पुणे की गर्मी अपने आखिरी दिन गिन रही थी, और बरामदे में पापा अपनी उसी…
क्या आपने कभी सोचा है — आपकी माँ ने पहली बार क्या सपना देखा था? हम अपनी माँ को हमेशा…
क्या आपने कभी सोचा है कि 40 की उम्र के बाद सपने देखना बंद हो जाता है? हमारा समाज कुछ…
क्या आपने कभी सोचा है कि आपकी रसोई, आपका घर… वही आपकी सबसे बड़ी ताकत बन सकता है? बहुत सी…