Biography

मनु भाकर की कहानी: वो दोपहर जब गोरिया की एक लड़की ने पिस्टल मांगी

Rajhussain · 09-September-2026 6 मिनट में पढ़ें
मनु भाकर की कहानी: वो दोपहर जब गोरिया की एक लड़की ने पिस्टल मांगी

गोरिया गांव का वो घर आज भी वैसा ही खड़ा है, हरियाणा की उसी धूल भरी हवा में, जहां चौदह साल की एक लड़की ने अपने पिता के सामने एक वाक्य रखा था — इतना सीधा कि उसमें बहस की कोई गुंजाइश ही नहीं बची।

“पापा, मुझे एक पिस्टल चाहिए।”

राम किशन भाकर मर्चेंट नेवी में चीफ इंजीनियर थे, महीनों समंदर पर बिताने वाले आदमी, जो अपनी बेटी को कभी रोकते नहीं थे। यह मांग अजीब लग सकती थी — हरियाणा में लड़कियां कुश्ती और मुक्केबाजी की तरफ जाती थीं, पिस्टल की तरफ कम ही। पर उन्होंने ना नहीं कहा। हफ्ते भर के भीतर घर में एक एयर पिस्टल आ गई, और मनु भाकर की कहानी की असली शुरुआत उसी हफ्ते हुई — रियो ओलंपिक 2016 खत्म होने के कुछ ही दिन बाद।

मैदान बदलते रहे, निशाना अब जाकर मिला

शूटिंग से पहले मनु का मन कहीं टिका ही नहीं था। बॉक्सिंग रिंग में हाथ आजमाए। स्केट्स पहनकर गलियों में सरपट भागी। टेनिस कोर्ट पर घंटों पसीना बहाया। मणिपुरी मार्शल आर्ट थांग-ता (ह्युएन लंगलोन) सीखी और उसमें राष्ट्रीय स्तर पर पदक भी जीते। हर खेल में वो अच्छी थी, हर खेल में उसने जीता भी — फिर भी हर बार आगे बढ़ जाती।

यह बेचैनी नहीं थी। यह तलाश थी।

रियो ओलंपिक टीवी पर देखते हुए कुछ भीतर हिल गया। स्केट्स एक कोने में रख दिए गए, टेनिस रैकेट दूसरे में। जो हाथ अब तक अलग-अलग खेलों के बीच भटक रहा था, उसे आख़िरकार वो चीज़ मिल गई जिसे वो थामे रखना चाहता था — एक स्थिर, भारी, चुप पिस्टल।

हिना सिद्धू का रिकॉर्ड टूटा, एक नाम गूंजा

2017 की राष्ट्रीय शूटिंग चैंपियनशिप में मनु ने 242.3 अंकों का स्कोर बनाकर पूर्व वर्ल्ड नंबर-1 हिना सिद्धू का रिकॉर्ड तोड़ दिया। यह किसी नई खिलाड़ी का इत्तेफ़ाकन अच्छा दिन नहीं था — यह एक चेतावनी थी कि कोई नया नाम आ चुका है।

अगले ही साल गति और तेज़ हो गई। 2018 में ग्वादलाहारा (मेक्सिको) के आईएसएसएफ वर्ल्ड कप में स्वर्ण, गोल्ड कोस्ट में राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण, ब्यूनस आयर्स में यूथ ओलंपिक में स्वर्ण — सोलह साल की उम्र में मनु भारत की सबसे युवा स्वर्ण विजेता खिलाड़ियों में गिनी जाने लगी थी। हर पदक के साथ वही दृश्य दोहराया जाता — पिस्टल नीचे, कंधे ढीले, आंखों में वही शांत भरोसा जो गोरिया के उस घर से निकला था।

जब पिस्टल टूटी, सपना अटक गया

हर कहानी सीधी रेखा में नहीं चलती।

2019 में म्यूनिख वर्ल्ड कप के 25 मीटर फ़ाइनल में मनु की पिस्टल अचानक ख़राब हो गई, और उसे मुक़ाबले से हटना पड़ा। फिर टोक्यो ओलंपिक 2020 आया — क्वालिफिकेशन राउंड में फिर वही पिस्टल-खराबी, फिर वही अधूरा रह गया मौका। जिस खेल ने चौदह की उम्र में उसे थाम लिया था, उसी खेल के सबसे बड़े मंच ने उसे दो बार खाली हाथ लौटाया।

कोई कमज़ोर पल यहीं रुक जाता। मनु ने ट्रेनिंग टेबल पर लौटकर उसी पिस्टल को फिर से साधना शुरू कर दिया, जैसे मशीन में कोई खराबी हो, इरादे में नहीं।

पेरिस की वो दोपहर जिसने इतिहास बदल दिया

पेरिस ओलंपिक 2024 में मनु भाकर ने महिलाओं की 10 मीटर एयर पिस्टल स्पर्धा में कांस्य पदक जीता — शूटिंग में ओलंपिक पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला बनकर। इससे एक दिन पहले वो बीस साल में किसी व्यक्तिगत स्पर्धा के ओलंपिक फ़ाइनल तक पहुंचने वाली पहली महिला निशानेबाज़ भी बन चुकी थी।

कुछ ही दिन बाद सराबजोत सिंह के साथ मिलकर 10 मीटर एयर पिस्टल मिक्स्ड टीम स्पर्धा में एक और कांस्य पदक — जिससे मनु आज़ाद भारत की पहली ऐसी खिलाड़ी बन गई जिसने एक ही ओलंपिक खेलों में दो पदक जीते हों।

गोरिया के उस घर से आठ साल पहले उठी एक मांग, पेरिस के शूटिंग रेंज में दो पदकों में बदल चुकी थी।

आइची-नागोया की तरफ, फिर वही निशाना

अब घड़ी 2026 की तरफ बढ़ चुकी है। जापान के आइची-नागोया में 19 सितंबर से 4 अक्टूबर तक होने वाले एशियन गेम्स के लिए भारतीय राइफल संघ (NRAI) ने अपनी 30 सदस्यीय निशानेबाज़ी टीम घोषित की है, और मनु भाकर उस सूची में सबसे ऊपर का नाम है। कोच जसपाल राणा की निगरानी में तैयार मनु महिलाओं की 10 मीटर एयर पिस्टल और 25 मीटर पिस्टल — दोनों स्पर्धाओं में हिस्सा लेंगी, उन चुनिंदा “डबल स्टार्टर” खिलाड़ियों में से एक जिन्हें एक से ज़्यादा इवेंट में उतारा गया है।

निशानेबाज़ी स्पर्धाएं 17 सितंबर से 3 अक्टूबर तक आइची प्रान्तीय शूटिंग रेंज में होंगी। जिस पिस्टल की मांग एक दोपहर गोरिया के घर में उठी थी, वो अब एक बार फिर हवाई जहाज़ के केबिन में, किसी और देश की सरहद पार, उसी हाथ में जा रही है।

मनु भाकर की कहानी अभी खत्म नहीं हुई — यह अभी भी हर बार वहीं से आगे बढ़ती है, जहां पिछली बार निशाना चूका था।

इस कथा से जुड़े सवाल

मनु भाकर ने शूटिंग शुरू करने से पहले कौन-कौन से खेल खेले थे? शूटिंग अपनाने से पहले मनु भाकर ने बॉक्सिंग, स्केटिंग, टेनिस और मणिपुरी मार्शल आर्ट थांग-ता (ह्युएन लंगलोन) में हाथ आज़माया था, और थांग-ता में राष्ट्रीय स्तर पर पदक भी जीते थे।

मनु भाकर ने ओलंपिक में कितने पदक जीते हैं? मनु भाकर ने पेरिस ओलंपिक 2024 में दो कांस्य पदक जीते — एक महिलाओं की 10 मीटर एयर पिस्टल व्यक्तिगत स्पर्धा में, दूसरा सराबजोत सिंह के साथ मिक्स्ड टीम स्पर्धा में।

एशियन गेम्स 2026 में मनु भाकर किन स्पर्धाओं में हिस्सा लेंगी? आइची-नागोया एशियन गेम्स 2026 में मनु भाकर महिलाओं की 10 मीटर एयर पिस्टल और 25 मीटर पिस्टल, दोनों स्पर्धाओं में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगी।

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