रात के पौने ग्यारह बजे थे जब मीरा ने अलमारी से वो छोटा नीला बैग निकाला, जो किसी ज़माने में बेटी के स्कूल पिकनिक का बैग हुआ करता था।
बैग पर अब भी एक कार्टून मछली बनी थी, जिसका एक पंख धुलते-धुलते फीका पड़ गया था। मीरा कुछ देर…
No stories found. Try different keywords.
Category
बैग पर अब भी एक कार्टून मछली बनी थी, जिसका एक पंख धुलते-धुलते फीका पड़ गया था। मीरा कुछ देर…
एक जुलाई की सुबह, जब सातवीं बी के बच्चे अपनी नई क्लास में घुस रहे थे, हरिप्रसाद शर्मा भोपाल के…
रविवार की दोपहर थी। बाहर पुणे की गर्मी अपने आखिरी दिन गिन रही थी, और बरामदे में पापा अपनी उसी…
क्या आपने कभी सोचा है — आपकी माँ ने पहली बार क्या सपना देखा था? हम अपनी माँ को हमेशा…
क्या आपने कभी सोचा है कि 40 की उम्र के बाद सपने देखना बंद हो जाता है? हमारा समाज कुछ…
क्या आपने कभी सोचा है कि आपकी रसोई, आपका घर… वही आपकी सबसे बड़ी ताकत बन सकता है? बहुत सी…
क्या आपने कभी गौर किया है कि जब हम सुबह आईने के सामने खड़े होते हैं, तो हम क्या ढूंढ…
क्या आपने कभी सोचा है कि एक सरकारी टीचर, जिसकी तनख्वाह महज ₹25,000 हो, वो भी एक दिन करोड़पति बन…