सूर्य ने रातभर विनती की, कर्ण ने सुबह सब दे दिया
आकाश में उस रात सूर्य की लपटें कुछ ज़्यादा ही काँप रही थीं। धरती पर कोई नहीं जानता था कि…
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आकाश में उस रात सूर्य की लपटें कुछ ज़्यादा ही काँप रही थीं। धरती पर कोई नहीं जानता था कि…
रात के तीसरे पहर महल की खिड़की के पास एक बूढ़ी औरत बैठी थी। उसके हाथ काँप रहे थे —…
शाप के बाद की पहली रात थी। चंद्रमा आकाश में ठीक उसी जगह खड़े थे जहाँ हमेशा खड़े होते थे…
अयोध्या के महल में रात गहरी थी। राजा दशरथ अपने पलंग पर लेटे थे — आँखें खुली, पर कुछ नहीं…
क्या आपने कभी सोचा है कि प्यार इतना गहरा भी हो सकता है जो मौत को भी मात दे? एक…
क्या आपने कभी सोचा है कि कोई इंसान जानते-बूझते एक ऐसी राह पर चले, जहाँ हर कदम पर हार तय…
क्या आपने कभी सोचा है कि एक इंसान कितना दर्द सह सकता है… और फिर भी मुस्कुराता रह सकता है?…
क्या आपने कभी सोचा है कि हमारे आकाश में चमकता हुआ वो सूरज, जिसे देखकर हम अपनी आँखें बंद कर…
क्या आपने कभी सोचा है कि सच्चा प्रेम वह नहीं होता जो महलों में पलता है — बल्कि वह होता…
क्या आपने कभी सोचा है कि एक छोटा-सा बच्चा — जिसके पास न तलवार थी, न सेना, न कोई ताकत…