गणेश जन्म की कहानी — जब एक आज्ञा उसकी जान ले गई
द्वार पर खड़े उस बालक को नहीं पता था कि वह जिस आदमी को अंदर जाने से रोक रहा है,…
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द्वार पर खड़े उस बालक को नहीं पता था कि वह जिस आदमी को अंदर जाने से रोक रहा है,…
सोने के फाटक के सामने सुदामा के पांव जैसे मिट्टी में गड़ गए। हाथ की मुट्ठी और कस गई —…
आधी रात को गोकुल के फाटक पर एक परछाई रुकी। इतनी सुंदर कि पहरेदार पलक झपकाना भूल गए, इतनी शांत…
यमुना का वह जहरीला पानी कालिया नाग को याद नहीं कब आखिरी बार उसने खुला आसमान देखा था। रत्नाकर की…
जंजीरों की आवाज़ अचानक बंद हो गई। वासुदेव को पहले लगा कि उनके कान धोखा दे रहे हैं। मथुरा की…
नदी के घाट पर हर साल एक दीया जलता था जिसे कोई नहीं बुझाता था। यमुना उसे खुद जलाती, खुद…
चक्र लौटा। हाथ में। खून की एक बूंद उसकी धार पर अब भी कांप रही थी। सभा में सन्नाटा नहीं…
शबरी की कहानी उन बेरों की नहीं है जो उसने चखे। यह उन हज़ारों सुबहों की है जब राम नहीं…
मिट्टी की गंध मृत्यु जैसी होती है। गांधारी को यह पहली बार पता चला — अट्ठारह दिन बाद, जब उसने…
शूल अभी भी उनकी पीठ से निकल रहा था। लोहे का वो भाला, जो राजा के सिपाहियों ने उन्हें अपराधी…