हनुमान सूर्य गुरु की कहानी — जब आसमान बन गया कक्षा
आकाश में उस सुबह कुछ अजीब हो रहा था। सूर्यदेव अपने रथ पर हर दिन की तरह पूर्व से पश्चिम…
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आकाश में उस सुबह कुछ अजीब हो रहा था। सूर्यदेव अपने रथ पर हर दिन की तरह पूर्व से पश्चिम…
मुझे जलाया गया था झूठ बोलने के लिए। यह बात मुझे तब नहीं पता थी — तब मैं सिर्फ एक…
तुंगभद्रा नदी की धार पर अभी भी वही धुला हुआ कपड़ा फैला था, जब पानी के नीचे कुछ हिला। बूढ़े…
रात गहरी थी, और कैलाश पर्वत चाँदनी में किसी सोए हुए देवता की तरह पड़ा था। रावण अकेला खड़ा था…
समुद्र की लहरें उस रात कुछ ज़्यादा ही तेज़ थीं, जैसे उन्हें पहले से पता हो कि आज कुछ टूटने…
आग की लपटें दीवारों पर नाच रही थीं, पर मेघनाद की आँखें स्थिर थीं। निकुंभला देवी के इस गुप्त मंदिर…
दीया बुझने ही वाला था जब वत्सल ने पहली बार वो चित्र देखा। लंका के राजपुस्तकालय की सबसे भीतरी दीवार…
अट्टालिका की ऊँची खिड़की से मंदोदरी नीचे युद्धभूमि को देख रही थी, और उसकी हथेली अपने-आप पेट के उस हिस्से…
पौने छह बजे माँ ने मुझे नींद से हिलाया — “उठ इरा, आज तू देवी है।” मैं आठ साल की…
उस सुबह जब कृष्ण मेरे पास आए, आकाश में अभी भी तारे थे। वो एक ब्राह्मण के वेश में थे।…