सात रंगों वाली मछली की कहानी
समंदर की उस तह पर, जहाँ सूरज की रोशनी पानी में घुलकर हरी हो जाती थी, एक मछली रहती थी…
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समंदर की उस तह पर, जहाँ सूरज की रोशनी पानी में घुलकर हरी हो जाती थी, एक मछली रहती थी…
सुबह छह बजे महेश की आँख खुली तो सबसे पहले उसके दाहिने हाथ ने काँपना शुरू किया। ये कोई नई…
अठारहवें दिन की शाम को, जब युद्ध समाप्त हो चुका था, गांधारी ने पहली बार अपनी आँखों की पट्टी खोली।…
बम्बई, 1952। रेकॉर्डिंग स्टूडियो की सीढ़ियाँ उतरते हुए ज़ोहराबाई के हाथ में वही पुराना काला पर्स था जो उन्होंने 1944…
बैग पर अब भी एक कार्टून मछली बनी थी, जिसका एक पंख धुलते-धुलते फीका पड़ गया था। मीरा कुछ देर…
एक जुलाई की सुबह, जब सातवीं बी के बच्चे अपनी नई क्लास में घुस रहे थे, हरिप्रसाद शर्मा भोपाल के…
फ़िलाडेल्फ़िया में नवंबर की वो शाम बहुत ठंडी थी। मीरा अपने हॉस्टल के कमरे में बैठी थी, सामने खुली हुई…
रात के तीसरे पहर में राजा विक्रमादित्य ने अपना मुकुट उतारा, अपनी अंगूठियाँ उतारीं, और एक फटी हुई चादर ओढ़…
✨ Angle: यह कहानी पैसे बचाने की नहीं है — यह उस माँ की है जिसने एक सपने में निवेश…
पहले दिन वो सिक्का मिट्टी से ऐसे निकला जैसे कोई आलू निकलता है। हलधर की कुदाल टकराई, एक खनखनाहट हुई…
सुबह साढ़े पाँच बजे वो अब भी उसी आदत से उठ जाता था। बरसों की आदत। उठते ही उसके कान…
रविवार की दोपहर थी। बाहर पुणे की गर्मी अपने आखिरी दिन गिन रही थी, और बरामदे में पापा अपनी उसी…
12 मई, 1767 की दोपहर थी। महेश्वर के राजमहल के पीछे, नर्मदा के किनारे, एक चिता तैयार हो रही थी।…
बंद कमरे की खिड़की से बाहर मुंबई जाग रही थी — हॉर्न, कौवे, किसी इमारत में चलता पानी का मोटर।…
मद्रास से उड़ान भरते वक़्त उसे लगा था कि अमेरिका गरम होगा। फ़िल्मों में तो हमेशा धूप रहती थी। किसी…