इंदिरा नूयी की कहानी: येल की ठंड, 50 डॉलर और एक साड़ी
मद्रास से उड़ान भरते वक़्त उसे लगा था कि अमेरिका गरम होगा। फ़िल्मों में तो हमेशा धूप रहती थी। किसी…
No stories found. Try different keywords.
मद्रास से उड़ान भरते वक़्त उसे लगा था कि अमेरिका गरम होगा। फ़िल्मों में तो हमेशा धूप रहती थी। किसी…
बाहर, व्हीलर द्वीप के ऊपर सूरज अभी पूरी तरह नहीं उगा था। अप्रैल की वो ओड़िशा वाली सुबह थी —…
सुबह के पौने नौ बजे थे। इलाहाबाद की फरवरी की हवा अभी ठंडी थी। अल्फ्रेड पार्क के एक कोने में,…
रिमझिम सबसे छोटा जुगनू था। इतना छोटा कि जब वो उड़ता, तो उसकी रोशनी ज़मीन तक भी मुश्किल से पहुँचती।…
फाल्गुनी नायर अपने केबिन में बैठी थीं — कोटक महिंद्रा कैपिटल की मैनेजिंग डायरेक्टर। उन्नीस साल इसी इमारत में बीते…
बैंगलोर के उस अस्पताल के बाहर, बरामदे में, वो आदमी बैठा था। चालीस के आसपास उम्र। चेहरे पर वो धूप…
एक पुराना मिट्टी का तेल वाला लैंप। काला पड़ चुका शीशा, जंग खाई हुई बत्ती घुमाने वाली चकरी, और नीचे…
सब-इंस्पेक्टर निर्मल सिंह को फोन उसी दुकानदार का था जिसे वो पिछले हफ़्ते से समझा रहे थे — गाड़ियाँ सड़क…
रानाघाट स्टेशन की वो सुबह बहुत ठंडी थी। फरवरी 2020। प्लेटफॉर्म नंबर तीन पर अभी रोशनी ठीक से नहीं फैली…
लाहौर के मोची दरवाज़े पर उस शाम हवा में लाठियों की गंध थी। तिरेसठ साल का एक आदमी मंच पर…
जंगल में सबसे पुराना पेड़ था बरगद बाबा। उनकी जड़ें ज़मीन के नीचे इतनी दूर तक फैली थीं कि वो…
शाप के बाद की पहली रात थी। चंद्रमा आकाश में ठीक उसी जगह खड़े थे जहाँ हमेशा खड़े होते थे…
फियांग, लद्दाख। जनवरी 2013। ज़मीन इतनी ठंडी थी कि सोनम वांगचुक के जूतों के नीचे मिट्टी पत्थर की तरह लग…
मीरा देशपांडे ने अपना नोटबुक बंद किया। जुलाई की दोपहर थी। चित्तौड़गढ़ के किले के अंदर हवा बिल्कुल नहीं चल…
हाफरुदा के जंगल में सुबह देर से उतरती है। देवदार इतने घने हैं कि सूरज को नीचे तक पहुँचने में…