5 अगस्त 1982 की दोपहर थी। कनॉट प्लेस के बाहरी घेरे में, मिंटो रोड के पास, गर्मी इतनी थी कि सड़क का तारकोल पिघलकर चप्पल से चिपक रहा था।
सब-इंस्पेक्टर निर्मल सिंह को फोन उसी दुकानदार का था जिसे वो पिछले हफ़्ते से समझा रहे थे — गाड़ियाँ सड़क…
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सब-इंस्पेक्टर निर्मल सिंह को फोन उसी दुकानदार का था जिसे वो पिछले हफ़्ते से समझा रहे थे — गाड़ियाँ सड़क…
रानाघाट स्टेशन की वो सुबह बहुत ठंडी थी। फरवरी 2020। प्लेटफॉर्म नंबर तीन पर अभी रोशनी ठीक से नहीं फैली…
लाहौर के मोची दरवाज़े पर उस शाम हवा में लाठियों की गंध थी। तिरेसठ साल का एक आदमी मंच पर…
जंगल में सबसे पुराना पेड़ था बरगद बाबा। उनकी जड़ें ज़मीन के नीचे इतनी दूर तक फैली थीं कि वो…
शाप के बाद की पहली रात थी। चंद्रमा आकाश में ठीक उसी जगह खड़े थे जहाँ हमेशा खड़े होते थे…
फियांग, लद्दाख। जनवरी 2013। ज़मीन इतनी ठंडी थी कि सोनम वांगचुक के जूतों के नीचे मिट्टी पत्थर की तरह लग…
मीरा देशपांडे ने अपना नोटबुक बंद किया। जुलाई की दोपहर थी। चित्तौड़गढ़ के किले के अंदर हवा बिल्कुल नहीं चल…
हाफरुदा के जंगल में सुबह देर से उतरती है। देवदार इतने घने हैं कि सूरज को नीचे तक पहुँचने में…
दिल्ली के मुखर्जी नगर का एक PG कमरा। फरवरी 2019। रात के ग्यारह बज रहे थे। हिमांशु ने अलमारी से…
जंगल के उस कोने में कोई नहीं आता था जहाँ हरिया लकड़ी काटने जाता था। पेड़ वहाँ टेढ़े-मेढ़े थे, ज़मीन…
अयोध्या के महल में रात गहरी थी। राजा दशरथ अपने पलंग पर लेटे थे — आँखें खुली, पर कुछ नहीं…