वो फ़ोन जो किसी और ने उठाया
फ़िलाडेल्फ़िया में नवंबर की वो शाम बहुत ठंडी थी। मीरा अपने हॉस्टल के कमरे में बैठी थी, सामने खुली हुई…
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फ़िलाडेल्फ़िया में नवंबर की वो शाम बहुत ठंडी थी। मीरा अपने हॉस्टल के कमरे में बैठी थी, सामने खुली हुई…
रात के तीसरे पहर में राजा विक्रमादित्य ने अपना मुकुट उतारा, अपनी अंगूठियाँ उतारीं, और एक फटी हुई चादर ओढ़…
यह कहानी पैसे बचाने की नहीं है — यह उस माँ की है जिसने एक सपने में निवेश किया, और…
पहले दिन वो सिक्का मिट्टी से ऐसे निकला जैसे कोई आलू निकलता है। हलधर की कुदाल टकराई, एक खनखनाहट हुई…
सुबह साढ़े पाँच बजे वो अब भी उसी आदत से उठ जाता था। बरसों की आदत। उठते ही उसके कान…
रविवार की दोपहर थी। बाहर पुणे की गर्मी अपने आखिरी दिन गिन रही थी, और बरामदे में पापा अपनी उसी…
12 मई, 1767 की दोपहर थी। महेश्वर के राजमहल के पीछे, नर्मदा के किनारे, एक चिता तैयार हो रही थी।…
बंद कमरे की खिड़की से बाहर मुंबई जाग रही थी — हॉर्न, कौवे, किसी इमारत में चलता पानी का मोटर।…
मद्रास से उड़ान भरते वक़्त उसे लगा था कि अमेरिका गरम होगा। फ़िल्मों में तो हमेशा धूप रहती थी। किसी…
बाहर, व्हीलर द्वीप के ऊपर सूरज अभी पूरी तरह नहीं उगा था। अप्रैल की वो ओड़िशा वाली सुबह थी —…
सुबह के पौने नौ बजे थे। इलाहाबाद की फरवरी की हवा अभी ठंडी थी। अल्फ्रेड पार्क के एक कोने में,…
रिमझिम सबसे छोटा जुगनू था। इतना छोटा कि जब वो उड़ता, तो उसकी रोशनी ज़मीन तक भी मुश्किल से पहुँचती।…
फाल्गुनी नायर अपने केबिन में बैठी थीं — कोटक महिंद्रा कैपिटल की मैनेजिंग डायरेक्टर। उन्नीस साल इसी इमारत में बीते…
बैंगलोर के उस अस्पताल के बाहर, बरामदे में, वो आदमी बैठा था। चालीस के आसपास उम्र। चेहरे पर वो धूप…
एक पुराना मिट्टी का तेल वाला लैंप। काला पड़ चुका शीशा, जंग खाई हुई बत्ती घुमाने वाली चकरी, और नीचे…